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==* है बधाई ईद आई *==

SHASHIKANT SHANDILE

SHASHIKANT SHANDILE

कविता

September 14, 2016

है बधाई है बधाई ईद आई ईद आई
है बधाई ईद आई

दिली बधाई है मेरे भाई
हिंदू मुस्लिम सिख इसाई
जश्न-ईद का साथ मनाये
जात धर्म सब छोड़ भाई

है बधाई है बधाई ईद आई

क्या लेकर आई ये दुनियाँ
धर्म जात किसने बनाई
यार पढ़ले एकबार तू गीता
क़ुरान मैंने दिल में बसाई

है बधाई है बधाई ईद आई

गुरुद्वारे में सजदा करू मैं
चर्च में बाईबल अपनाई
खून तो देखो एक जैसा है
रंग रंग में क्यू है बुराई

है बधाई है बधाई ईद आई

चंद मतलबी चाहे झुकाना
झुकी कभी ना है सच्चाई
अमन शांती के हम रखवाले
दुश्मनों की शामत है आई

है बधाई है बधाई ईद आई

नफरत की औकात क्या है
आज प्यार की रुत है आई
हम सब यारो मिल कर गाये
ईद आई ईद आई ईद आई

है बधाई है बधाई ईद आई ईद आई
है बधाई ईद आई
———————//**–
शशिकांत शांडिले (एकांत), नागपुर
भ्र.९९७५९९५४५०
दि.१३/०९/२०१६

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Author
SHASHIKANT SHANDILE
It's just my words, that's it.

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