Nov 17, 2016 · मुक्तक
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हे मुरारि, जय राधे कृष्ण ,श्याम जपूं।

हे मुरारि,
जय राधे कृष्ण ,श्याम जपूं।
गोपाल जपूं,घनश्याम जपूं।
हूँ दर्शन की अभिलाषी , मैं
तो हर पल तेरा नाम जपूं।
#पूनम_झा।कोटा ,राजस्थान |
17-11-16
……………..

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पूनम झा
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नाम-पूनम झा स्थान- कोटा,राजस्थान विधा- गद्य एवं पद्य में हिंदी व मैथिली में लेखन डेढ़... View full profile
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