Nov 8, 2018 · कविता
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हे मां

हे मां !
जीवन का आधार हो तुम,
श्रद्धा का उपहार हो तुम,
और अधिक क्या कहूं मां,
मेरा पूरा संसार हो तुम ।
तुम्हारा स्पर्श शीतल चन्दन है,
तुम्हारे बिना जीवन क्रन्दन है,
और अधिक क्या कहूं मां,
तुम्हें तो मेरा हर पल वन्दन है ।
गीत तुम्हारे आज तक कोई गा नहीं सका
,महिमा तुम्हारी आज तक कोई बता नहीं सका
और अधिक क्या कहूं मैं मां,
तुम्हारे प्यार का पैमाना आज तक
कोई बना नहीं सका ।

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Suman Jain
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