May 4, 2021 · कविता
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हे प्रभु

हमने भी जुल्म कम नही किये
फायदे को दोहन प्रकर्ति का किया
जाने अनजाने हमसे भूल तो हुई
हे ईश्वर रहम करो अभी तो
साँसे बाक़ी थी बची,
उसकी जो था अस्पताल में पड़ा
पर न जाने क्यो हवा नहीं मिली
राजनीति के चक्कर मे मरीज
की तो हवा ही निकल पड़ी
हमने भी जुल्म कम नही किये
फायदे को दोहन प्रकर्ति का किया
हवा पर भी देखो खेल राजनीति का
आज हमने कहने को तो
तरक्की इतनी कर ली और
मौत आक्सीजन की कमी के
चलते ही होने लगी
हमने भी जुल्म कम नही किये
फायदे को दोहन प्रकर्ति का किया
डॉ मंजु सैनी
गाजियाबाद

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Dr Manju Saini
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पुस्तकालयाध्यक्ष ग़ाज़ियाबाद में पिछले 22 वर्षों से पब्लिक स्कूल में कार्यरत। लेखन- साहित्य रचना एवं... View full profile
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