हृदय नादान

दिनांक 15/4/19

पिरामिड

1
है
सच
हृदय
अनजान
छल फरेब
प्यार सच्चाई
दोनों के जीवन में

2

दोस्त
भटके
ये हृदय
टूटे अगर
पछतायेगा
ये मन जीवन में

स्वलिखित
लेखक संतोष श्रीवास्तव भोपाल

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