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!! हुस्न !!

Anuj Tiwari

Anuj Tiwari "इन्दवार"

कविता

June 19, 2016

!! हुस्न !!

नया अल्फाज होता है !
हसीं अन्दाज होता है !
एक नई सुबह के साथ ,
नया आगाज होता है !!

कभी अन्जान होता है !
कभी अज्ञान होता है !
जो बहकाबे मे आता है ,
वो हुस्न नादान है !!

कभी अरमान होता है !
कहीं गुनगान होता है !
हुस्न को न्योता देने वाला ,
एक महमान होता है !!

कोई सबनम चुराता है !
कोई मरहम लगाता है !
हुस्न को अपना मानें जो ,
उसे हमदम बताता है !!

कभी अपमान होता है !
कहीं बलिदान होता है !
हुस्न का सौदा करने वाला ,
एक सैतान होता है !!

कभी बदनाम होता है !
कहीं गुमनाम होता है !
यहां बाजार मे देखा ,
हुस्न नीलाम होता है !!

Author
Anuj Tiwari
नाम - अनुज तिवारी "इन्दवार" पता - इंदवार , उमरिया : मध्य-प्रदेश लेखन--- ग़ज़ल , गीत ,नवगीत ,कविता , हाइकु ,कव्वाली , तेवारी आदि चेतना मध्य-प्रदेश द्वारा चेतना सम्मान (20 फरवरी 2016) शिक्षण -- मेकेनिकल इन्जीनियरिंग व्यवसाय -- नौकरी प्रकाशित... Read more
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