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*** हुकूमत करना चाहते हो ***

भूरचन्द जयपाल

भूरचन्द जयपाल

शेर

September 16, 2017

हुकूमत करना चाहते हो मेरे दिल पर और मज़ार पे आकर रोते हो

क्यूं बेइंतहा मुहब्बत करने का रोना रो रोकर पानी से मुंह धोते हो।

?मधुप बैरागी

दिल तो तेरा लिया है मैंने अब जिस्म की चाहत नहीं

करता हूं इबादत ख़ुदा की मैं मांगना मेरी आदत नहीं ।।

?मधुप बैरागी

Author
भूरचन्द जयपाल
मैं भूरचन्द जयपाल स्वैच्छिक सेवानिवृत - प्रधानाचार्य राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कानासर जिला -बीकानेर (राजस्थान) अपने उपनाम - मधुप बैरागी के नाम से विभिन्न विधाओं में स्वरुचि अनुसार लेखन करता हूं, जैसे - गीत,कविता ,ग़ज़ल,मुक्तक ,भजन,आलेख,स्वच्छन्द या छंदमुक्त रचना आदि... Read more
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