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हिन्दी मेरी प्यारी

Bikash Baruah

Bikash Baruah

कविता

September 14, 2017

सारे जहाँ से अच्छा
हिंदी और हिन्द हमारा,
हमें नाज है दोनो पर
आला भाषा है यह
और आला देश हमारा;
भाषा हिन्दी है ऐसी
जो सबको है समा लेती,
किसीको बैर नहीं इससे
हर प्रांत के निवासी
इसे आसानी से अपना लेती;
फिर क्यों न करुँ मैं
जयजयकार हिंदी की ,
भाषा है यह मेरी प्यारी
बने भाषा पुरी विश्व की !

Author
Bikash Baruah
मैं एक अहिंदी भाषी हिंदी नवलेखक के रूप मे साहित्य साधना की कोशिश कर रहा हू और मेरी दो किताबें "प्रतिक्षा" और "किसके लिए यह कविता" प्रकाशित हो चुकी है ।
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