शेर · Reading time: 1 minute

मिला कर मुझसे ख़्वाबों में

खिलते हुए
गुलाबों में!
जलते हुए
चिराग़ों में!!
देखा मैंने
ऐ ज़िंदगी
अक़्सर तुझे
हिजाबों में!!
इस दुनिया की
रस्में हमें
मिलने नहीं देंगी
सचमुच में
ऐसे में, ऐ जान
मुझसे तू
मिला कर केवल
ख़्वाबों में…

Shekhar Chandra Mitra
(A Dream of Love)

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