हिचकी

हिचकी
करो ना याद तुम इतना,मुझे हिचकी सताएगी
करूँ जो याद मैं तुझको,तुझे हिचकी रुलाएगी।
हमारी हिचकियों में ही,कहीं ना जा निकल जाए
मुझे धड़कन बना लो तुम,कभी हिचकी न आएगी।
©पंकज प्रियम

क्या आप अपनी पुस्तक प्रकाशित करवाना चाहते हैं?

साहित्यपीडिया पब्लिशिंग द्वारा अपनी पुस्तक प्रकाशित करवायें सिर्फ ₹ 11,800/- रुपये में, जिसमें शामिल है-

  • 50 लेखक प्रतियाँ
  • बेहतरीन कवर डिज़ाइन
  • उच्च गुणवत्ता की प्रिंटिंग
  • Amazon, Flipkart पर पुस्तक की पूरे भारत में असीमित उपलब्धता
  • कम मूल्य पर लेखक प्रतियाँ मंगवाने की lifetime सुविधा
  • रॉयल्टी का मासिक भुगतान

अधिक जानकारी के लिए इस लिंक पर क्लिक करें- https://publish.sahityapedia.com/pricing

या हमें इस नंबर पर काल या Whatsapp करें- 9618066119

Like Comment 0
Views 1

You must be logged in to post comments.

Login Create Account

Loading comments
Copy link to share