Skip to content

“हिंद की जय”

Prashant Sharma

Prashant Sharma

कविता

March 22, 2017

एक चिड़िया आसमां में,पंख फैला उड़ रही।
हिंद की जय, हिंद की जय,गीत मधुकर गा रही।

है नमन तुमको शहीदो,खुल के हमने सांस ली।
उस अमिट बलिदान को,हम भूल पाएंगे नहीं।

हम कृतज्ञ तुम देश के,अनुराग में खुद मिट गये
हम देश हित को फर्ज,समझें अब यही होगा सही।

इस विरासत को बुलंदी तक,हमें पहुंचाना है।
हम ऋणी है हर शहादत,कह रही हमसे यही।

एक जयकारा वतन का जोश बेजा भर रहा।
हौसलों से मंजिल तक,का सफर मुश्किल नहीं

प्रशांत शर्मा “सरल”
नेहरु वार्ड नरसिंहपुर
मोबा. 9009594797

Share this:
Author
Prashant Sharma

क्या आप अपनी पुस्तक प्रकाशित करवाना चाहते हैं?

आज ही अपनी पुस्तक प्रकाशित करवायें और आपकी पुस्तक उपलब्ध होगी पूरे विश्व में Amazon, Flipkart जैसी सभी बड़ी वेबसाइट्स पर

साथ ही आपकी पुस्तक ई-बुक फॉर्मेट में Amazon Kindle एवं Google Play Store पर भी उपलब्ध होगी

साहित्यपीडिया की वेबसाइट पर आपकी पुस्तक का प्रमोशन और साथ ही 70% रॉयल्टी भी

सीमित समय के लिए ब्रोंज एवं सिल्वर पब्लिशिंग प्लान्स पर 20% डिस्काउंट (यह ऑफर सिर्फ 31 जनवरी, 2018 तक)

अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें- Click Here

या हमें इस नंबर पर कॉल या WhatsApp करें- 9618066119

Recommended for you