.
Skip to content

हिंदी

vivek saxena

vivek saxena

कविता

February 23, 2017

जन जन की है भाषा हिंदी
भारत की अभिलाषा हिंदी
विश्व पटल पर कदम बढ़ाती
एक नई आशा है हिंदी

विश्व गुरू का मान है हिंदी
निज गौरव की आन है हिंदी
इससे बढ़कर नहीं और कुछ
भारत का स्वाभिमान है हिंदी

हमें गर्व हम हिंदुस्तानी
प्यारी हिंदी अपनी बानी
है भाषा ये पावन सरिता
ज्यों बहता गंगा में पानी

हिंदी को तुम प्यार करो
मां सा नेह दुलार करो
है भाषाओं की यह जननी
उसका नित सत्कार करो।

-डा विवेक सक्सेना

Author
vivek saxena
Recommended Posts
हिंदी भाषा का महत्व
विश्व का विज्ञान है हिंदी, मस्तक पर ताज है बिंदी भारत का गौरव है हिंदी, जन- जन की भाषा है हिंदी ।। एकता की ये... Read more
हिंदी तो है शान हमारी
विश्व के सभी हिंदी भाषियों को समर्पित- गीत - हिंदी तो है शान हमारी। हिंदी हम सबको है प्यारी। हिंदी तो है शान हमारी॥ ????????... Read more
हम आप और हिंदी ( १४ सितम्बर )
हिंदी दिवस की आप सबको शुभ कामनाएं लिखो जज्बात हिंदी में करो हर बात हिंदी में हम भी बोले हिंदी में तुम भी बोलो हिंदी... Read more
वो जबान है हिंदी
(हिंदी पखवाड़े में हिंदी पर रचनायें) छंद सार (मापनी मुक्तमक) मात्रा भार- 16,12 = 28 पदांत- है हिंदी समांत- आन जन जन की है भाग्य... Read more