हिंदी है भारत की बिंदी ( गीत) जितेंद्र कमल आनंद

हिंदी है भारत की बिंदी, इसको लाल चमकने दें
हिंदी है गरिमा भारत की, माता का सम्मान है ।
एकरूपता यही राष्टृ की, भावों का परिधान है
जैसे फहरे ध्वजा दुर्ग पर, वैसे इसे फहरने दें।।

हिंदी पावन मंत्र प्रेम का, गुंजित यह चहुँ ओर है
अँग्रेजी की मिटे दासता, दिनकर चमके भोर हो
सिंहासन आरूढ कमल है हिंदी, इसे महकने दें ।
हिंदी है भारत की बिंदी, इसको लाल चमकने दें।।

— जितेन्द्र कमल आनंद रामपुर ३०-४-१७

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