हिंदी भारत माँ की बिंदी

हिंदी मधुयामिनी का श्रृंगार है
हिंदी भावनाओं का प्रतिपल प्रसार है
हिंदी जीवन में बैकल बहार है
हिंदी भाषा की पुण्य पतवार है।

हिंदी अति शीतल बयार है
हिंदी मकरंद की धवल धार है
हिंदी ही मात्र मोक्ष का द्वार है
हिंदी दिव्य शस्त्र का अचूक वार है।

हिंदी अनुराग की मधुर मार है
हिंदी असीमित आकांक्षाओं की कहार है
हिंदी सम्पूर्णता का श्रेष्ठतम सार है
हिंदी संधि, समास,छंदों का आकार है।

हिंदी मिलन है गठजोड़ है प्यार है
हिंदी पल्लवित पुष्पों का हार है
हिंदी सम्मोहन का साक्षात अवतार है
हिंदी सद्भावना है सद्व्यवहार है।

हिंदी भाषा का अलंकृत अलंकार है
हिंदी घाव पर एक सहज उपचार है
हिंदी मानव पर किया अनोखा आभार है
हिंदी सनातन संबंधों का सरोकार है।

हिंदी उपासना की देवी का स्वयं उपहार है
हिंदी धर्म है अध्यात्म है देव वाणी का साकार है
हिंदी हृदय का प्रस्फुटित उन्मुक्त उद्गार है
हिंदी की दशों दिशाओं में जय जयकार है।

हिंदी भंग करती सभी मनोविकार है
हिंदी सभ्यता का सम्पोषक विचार है
हिंदी साहित्य का अजर अमर संसार है
हिंदी “आदित्य”का उत्कृष्ट मूल आधार है।

हिंदी दिवस की अशेष शुभकामनाओं के साथ समर्पित

पूर्णतः मौलिक स्वरचित सृजन की अलख
आदित्य कुमार भारती
टेंगनमाड़ा, बिलासपुर, छ.ग.

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