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हाले दिल का दर्द(गजल)/मंदीप

Mandeep Kumar

Mandeep Kumar

गज़ल/गीतिका

November 3, 2016

हाले दिल का दर्द सुने कौन,
टूटे हुए दिल को जोड़ें कौन।

मिलता सिर्फ दर्द जिस जगह,
अब उस जगह जाये कौन,

मालूम नही मतलब प्यार का,
उस के साथ दिल लगाये कौन।

पता नही मोल आँसुओ का,
आँसू अब उन के लिए बहाये कौन।

आदत जिनकी दिल दुखने की,
अब आदत उसकी बदले कौन।

रो रो बहाती याद में आँखे आँसू,
अब आँसुओ को समझाये कौन।

जो चला गया छोड कर दामन ,
क्या हाल है “मंदीप” का उस को बताये कौन

मंदीपसाई

Author
Mandeep Kumar
नाम-मंदीप कुमार जन्म-10/2/1993 रूचि-लिखने और पढ़ाने में रूचि है। sirmandeepkumarsingh@gmail.com Twitter-@sirmandeepkuma2 हर बार अच्छा लिखने की कोशिस करता हूँ। और रही बात हम तो अपना दर्द लिखते है।मेरा समदिल मेरे से खुश है तो मेरी रचना उस के दिल का... Read more
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