गज़ल/गीतिका · Reading time: 1 minute

हाथ हाथों में हम लिये साथी

हाथ हाथों में हम लिये साथी
दूर दुनिया से चल दिये साथी

आज है चाह किसको मंज़िल की
जाम राहों मे ही पिये साथी

जो मिले ज़ख़्म हमको दुनिया से
प्रेम धागों से वे सिये साथी

प्यार मे दर्द जो मिले हमको
हमने खुश हो सभी पिये साथी

किये वादे भी ,खायीं क़समें भी
पर निभाये भी जो किये साथी

ख़ास रस्ते थे हम जिधर निकले
और पल खूब वे जिये साथी

चल दिये दिल की राह पर ऐ ‘सरू’
हम तो तेरे ही हो लिये साथी

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