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हाईकु

Rajendra jain

Rajendra jain

हाइकु

February 9, 2017

आज के हमारे हाईकु देखिए कुछ इस तरह

चुंबन प्रेम

हाईकु-पंच

चुंबन प्रेम
भारत मे जानिए
पवित्रतम

देश प्रेम है
शहीदों का चुंबन
झंडे के लिए
3
माँ का चुंबन
बेटी के लिए यश
कीर्ती वर्धन

चुंबन प्रेम
भोग वासना नही
प्रेम साधना

चुंबन प्रेम
आज बदनाम है
चल चित्र से

बसंत-उपहार

हाईकु-एकादश

पहला प्यार
बसंत उपहार
जीवन खुश

जीवन साथी
प्रेम गठबंधन
मजबूत हो

सुख का मंत्र
सबकुछ त्याग दें
प्रेम के लिए

मेरा जीवन
प्रेम बिन अधूरा
व्यर्थ समझो

धर्म पालन
जीवन साथी तभी
प्रेम महिमा

सद् ग्रहस्थ
प्रेम मय जीवन
तभी संभव

प्रेम बीज है
नरम हृदय मे
प्रेम सुमन

प्रेम की भाषा
चिड़ियाँ चहकती
समझिये तो

प्रेम वात्सल्य
गाय बछड़े सम
नि:स्वार्थ कहाँ?
१०
गले लगाना
प्रेम का परिणाम
लोक प्रियता
११
प्रेम पनपे
‘अनेकांत’ समझ
पक्ष रखिये

राजेन्द्र’अनेकांत’
बालाघाट दि ०९-०२-१७

Author
Rajendra jain
प्रकृति, पर्यावरण, जीव दया, सामाजिक चेतना,खेती और कृषक की व्यथा आदि विषयों पर दोहा, कुंडलिया,चोपाई,हाईकु आदि छंद बद्ध तथा छंद मुक्त रचना धर्मिता मे किंचित सहभागिता.....
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