Skip to content

हाईकु-पंच

Rajendra jain

Rajendra jain

हाइकु

January 29, 2017

आज के हमारे हाईकु देखिए कुछ इस तरह….

हाईकु-पंच

हम जो लिखे
नाम के लिए तब
क्षणिक सुख

हम क्यो लिखें
कुछ दाम के लिए
कुटिल सुख

हम क्या लिखे
शुभ नाम के लिए
सहज सुख

यदि ना लिखें
झूँठी शान के लिए
अलग सुख

हम तो लिखें
स्वपर हित साध
अपूर्व सुख

राजेन्द्र’अनेकांत’
बालाघाट दि.२८-०१-१७

Share this:
Author
Rajendra jain
प्रकृति, पर्यावरण, जीव दया, सामाजिक चेतना,खेती और कृषक की व्यथा आदि विषयों पर दोहा, कुंडलिया,चोपाई,हाईकु आदि छंद बद्ध तथा छंद मुक्त रचना धर्मिता मे किंचित सहभागिता.....

क्या आप अपनी पुस्तक प्रकाशित करवाना चाहते हैं?

आज ही अपनी पुस्तक प्रकाशित करवायें और आपकी पुस्तक उपलब्ध होगी पूरे विश्व में Amazon, Flipkart जैसी सभी बड़ी वेबसाइट्स पर

साथ ही आपकी पुस्तक ई-बुक फॉर्मेट में Amazon Kindle एवं Google Play Store पर भी उपलब्ध होगी

साहित्यपीडिया की वेबसाइट पर आपकी पुस्तक का प्रमोशन और साथ ही 70% रॉयल्टी भी

सीमित समय के लिए ब्रोंज एवं सिल्वर पब्लिशिंग प्लान्स पर 20% डिस्काउंट (यह ऑफर सिर्फ 31 जनवरी, 2018 तक)

अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें- Click Here

या हमें इस नंबर पर कॉल या WhatsApp करें- 9618066119

Recommended for you