हाइकु · Reading time: 1 minute

हाईकु-छंद


सच्ची जिंदगी
पापाचरण तज
अच्छी वंदगी

व्यसन त्यागें
गुणों मे श्रेष्ठतम
वे रहें आगे

जिंदगी जीत
कर्तव्य पथ पर
सभी से प्रीत

तनाव नही
जीवन भर स्वस्थ
स्वभाव सही

एक ही शक्ति
गुणों मे अनुराग
गूणीं की भक्ति

लम्बी आयु है
प्राणायाम करिये
प्राण वायु है

योग साधना
संयमित जीवन
धर्म धारणा

ईश वंदना
आत्म वल बड़ता
कोई द्वन्द ना

मनोयोग से
सफलता मिलती
सहयोग से
१०
स्थिर किये जो
मन वचन काय
योगी बने वो
११
योग कीजिए
जिंदगी की जंगको
जीत लीजिए
१२
योग कीजिए
आत्म धर्म योग को
मान लीजिए

राजेन्द्र’अनेकांत’
बालाघाट दि.२९-०१-१७

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