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हाईकु एवं चोपई छंद

इस देश का किसान मजदूर कर्ज मे जीता है और कर्ज मे ही मरता है इसी पर हमारे हाईकु एवं चौपई छंद देखिए…

हाईकु -पंच

(वर्ण,७,५,७)

कर्ज मे ही जनम
आम जीवन
कर्ज मे ही खतम

किसान को देखिए
कर्ज कितना
कर्णधार सोचिए

अथक परिश्रम
कम आमद
कर्ज से दबा श्रम

कृषक का उत्पाद
सबसे सस्ता
कृषक बरबाद

कर्ज उतार दीजे
श्रमिक नीति
अब उदार कीजे

उन्नत-खेती

चौपई छंद(मात्रा १५ अंत गुरु लघु)

उन्नत खेती बड़े किसान
व्यापारी भी तब धनवान
अर्थ व्यवस्था भी मजबूत
इसका ये ही ठोस सबूत

देश हुआ जब से आजाद
समझो खाद बीज परसाद
कैसे बड़ता तब उत्पाद
बस किसान केवल बरबाद

उद्योगों को मदद अपार
दस की वस्तु मिले हजार
और विदेशी सब व्यापार
भारतवासी बस लाचार

आज देखिये तो जापान
दुनियाँ मे कैसे धनवान
देशी पर करते अभिमान
विदेशी का न नाम निशान

आज समस्या तो विकराल
पर खेती से ही खुशहाल
‘अनेकांत’ की अतः पुकार
उन्नत खेती विविध प्रकार

राजेन्द्र’अनेकांत’
बालाघाट दि०७-०२-१६

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