हाइकू (वर्षा सुन्दरी )

झनन -झन
झनकाती घुघरूँ
पहन के वो

पाजेब भारी
ठुमकती आ रही
वर्षा सुन्दरी

मधु स्मित सी
भर के मधु मुस्काँ
लजाती खड़ी

हरी -भरी हो
धरा प्यास बुझाती
मन रिझाती

मेघा घिरे है
घरर घरर के
बादलों बीच

हुलसाते है
तर-बतर तन
मन ठन्डाते

~~डॉ मधु त्रिवेदी ~~

67 Views
डॉ मधु त्रिवेदी शान्ति निकेतन कालेज आफ बिजनेस मैनेजमेंट एण्ड कम्प्यूटर साइंस आगरा प्राचार्या, पोस्ट...
You may also like: