हाइकु : धैर्य

हाइकु: ** धैर्य **
पर एक कोशिश —-

लगन रहे
कार्य सतत रहे
सफल रहे //

है धैर्यवान
धैर्यशील जो नार
पाए मुकाम //

संतोषी मन
पाए अकूत धन
तन प्रसन्न //

जब धैर्य हो
निरंतर कर्म हो
मुकम्मल हो //

बिन धैर्य के
ना कुछ सुकर्म के
हैं अधर्म के //

धीरे-धीरे हो
शनै: शनै: पके जो
मीठा लागे वो //

धैर्यहीन वो
धैर्य खोए नर जो
हो असफल //

नर विद्वान
वो होता धैर्यवान
वही महान //

===≈≈≈≈≈≈====
दिनेश एल० “जैहिंद”
31. 03. 2018

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