हाइकु : धैर्य

हाइकु: ** धैर्य **
पर एक कोशिश —-

लगन रहे
कार्य सतत रहे
सफल रहे //

है धैर्यवान
धैर्यशील जो नार
पाए मुकाम //

संतोषी मन
पाए अकूत धन
तन प्रसन्न //

जब धैर्य हो
निरंतर कर्म हो
मुकम्मल हो //

बिन धैर्य के
ना कुछ सुकर्म के
हैं अधर्म के //

धीरे-धीरे हो
शनै: शनै: पके जो
मीठा लागे वो //

धैर्यहीन वो
धैर्य खोए नर जो
हो असफल //

नर विद्वान
वो होता धैर्यवान
वही महान //

===≈≈≈≈≈≈====
दिनेश एल० “जैहिंद”
31. 03. 2018

Do you want to publish your book?

Sahityapedia's Book Publishing Package only in ₹ 9,990/-

  • Premium Quality
  • 50 Author copies
  • Sale on Amazon, Flipkart etc.
  • Monthly royalty payments

Click this link to know more- https://publish.sahityapedia.com/pricing

Whatsapp or call us at 9618066119 (Monday to Saturday, 9 AM to 9 PM)

*This is a limited time offer. GST extra.

Like Comment 0
Views 2

You must be logged in to post comments.

Login Create Account

Loading comments
Copy link to share
Sahityapedia Publishing