गज़ल/गीतिका · Reading time: 1 minute

हसरते दिल की(गज़ल)

हसरते दिल की/मंदीप

हर किसी की मुस्कुराहट सच्ची होती नही,
बिना दर्द के कभी आँखे रोति नही।

अगर दिल ना धड़के किसी के लिए,
वो दिल कभी एक होते नही।

देखे जो बंद आँखो से सपने,
वो सपने कभी सच्च होते नही।

जो करे नीचा गिराने की साजिस,
वो कभी हमारे अपने होते नही।

रखे जो आदर मान सब का,
उस की इज्ज़त कभी कम होती नही।

हो दिल अगर खूबसूरत किसी का,
उस से ज्यादा अमीर कोई होता नही।

ना कर “मंदीप” सच्चा प्यार उस से,
यहाँ सच्चे प्यार की कदर होती नही।

मंदीपसाई

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