मुक्तक · Reading time: 1 minute

हसरतें

हसरतें दिल में लिए न खामोश रहो तुम
कह भी दो अधरों से न रहो खुद में गुम
मौसम तो यूंही पल-पल बदलते रहेंगे मगर
न फिर आएंगे बीते पल बस यह सोचो तुम!!!

कामनी गुप्ता***

46 Views
Like
55 Posts · 9.2k Views
You may also like:
Loading...