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हर बार की तरह

Neelam Naveen

Neelam Naveen "Neel"

गीत

February 12, 2017

धूप से दिये जलायें आशाओं के
कहीं जुगनु मिल जायें अंधेरों में,
बीता साल ढलती सांझ में
सोते सुरज को, थपकी दे रहा हो,
दे कर खट्टी मिठ्ठी यादें
तितलियों सा कब गुम हो रहा हो ।
हर बार की तरह याद बनकर,
किसी गुमनाम की तरह ख्वाब बनकर
सलाम तुमको जाते जाते
सलाम तुमको जाते जाते ।।।
अब जो आयेगी गोधुली की बेला
नयी सुबह, नया साल बनकर
वहां सपने हजार होंगे
कहीं पुरे होंगे,कुछ अधुरे रहेंगे
चलो वादा कर लें खुद से
खुद से,खुद से, खुद से
न हताश होना, न निराश होना
छोटी छोटी सी खुशियाँ
बस बांटते चलना,
सलाम तुमको जाते जाते
सलाम तुमको जाते जाते ।।।।

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Author
Neelam Naveen
शिक्षा : पोस्ट ग्रेजूऐट अंग्रेजी साहित्य तथा सोसियल वर्क में । कृति: सांझा संकलन (काव्य रचनाएँ ),अखंड भारत पत्रिका (काव्य रचनाएँ एवं लेख ) तथा अन्य पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित । स्थान : अल्मोडा

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