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हर तमन्ना अज़ाब लगती है

Pritam Rathaur

Pritam Rathaur

गीत

April 14, 2017

जिन्दगी अब खराब लगती है
बिन तुम्हारे अज़ाब लगती है

करके सोलह सिंगार आए तो
परी वो लाज़वाब लगती है

चाल मस्ती की चाँद सा चेहरा
चश्मे जानाँ शराब लगती है

टूट कर दिल ने ये कहा अब तो
हर तमन्ना —— अज़ाब लगती है

गौर से देख उसको बोतल सी
बंद कुह्ना शराब लगती है

जब भी देखा उसे मुहब्बत से
मेरा खाना ख़राब लगती है

बात हाँ की कहाँ है “प्रीतम” की
तेरी न लाज़वाब लगती है

??? प्रीतम राठौर ???
??श्रावस्ती (उ० प्र०)??
????

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Author
Pritam Rathaur
मैं रामस्वरूप राठौर "प्रीतम" S/o श्री हरीराम निवासी मो०- तिलकनगर पो०- भिनगा जनपद-श्रावस्ती। गीत कविता ग़ज़ल आदि का लेखक । मुख्य कार्य :- Direction, management & Princpalship of जय गुरूदेव आरती विद्या मन्दिर रेहली । मानव धर्म सर्वोच्च धर्म है... Read more

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