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हर कोशिश कुछ देकर जाती, कठिन राह आसान बनाती।

अनुराग दीक्षित

अनुराग दीक्षित

कविता

December 7, 2017

हर कोशिश कुछ देकर जाती,
कठिन राह आसान बनाती।
कोशिश कर जब भी तू हारा,
बहुत पास था तेरे किनारा
मंजिल भी चलकर आ जाए,
जो तू पूरी जान लगाए
कहाँ कमी थी हमे बताती,
हर कोशिश कुछ देकर जाती
कठिन राह आसान बनाती।
निष्फल कहाँ प्रयास तुम्हारा
भाग्य कर्म से सदा है हारा,
मेहनत कभी व्यर्थ ना जाती
नई सीख कुछ लेकर आती,
प्रतिपल-प्रतिक्षण हमे सिखाती
हर कोशिश कुछ देकर जाती
कठिन राह आसान बनाती।
श्वास वायु हममें दम भरते
लक्ष्य सुनिश्चित कर पथ गढते
जलचर, नभचर सारे चलते
धरती चाँद सितारे चलते,
प्रेरक हो सम्बल बन जाती
हर कोशिश कुछ देकर जाती
कठिन राह आसान बनाती।

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Author
अनुराग दीक्षित
मेरा जन्म फर्रुखाबाद के कमालगंज ब्लॉक के ग्राम कंझाना में एक साधारण ब्राह्मण परिवार में हुआ,मैंने वनस्पति विज्ञानं में एमएससी,ऍम.ए. समाजशाह्स्त्र एवं एडवरटाइजिंग पब्लिक रिलेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया,व जन स्वास्थ्य में,परास्नातक डिप्लोमा किया, विभिन्न पत्रिकाओं में प्रकाशन एवं... Read more

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