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” ————————————- हरकत मनमानों सी ” !!

भगवती प्रसाद व्यास

भगवती प्रसाद व्यास " नीरद "

गीत

August 4, 2017

सावन की रिमझिम बूंदों ने , प्यास बुझाई ऐसी !
हरियाली चुनरी ओढ़ी है , वसुन्धरा ने कैसी !!

तन मन हरषाये ऐसे हैं , कठिन थाह है पाना !
झूलों की पीगों में बढ़ चढ़ , लदी उमंगें ऐसी !!

लहराये गीतों के स्वर हैं , बसी हंसी अधरों पर !
आँखियों में है छवि तैरती , मनमूरत के जैसी !!

इतराया सा मौसम लगता , धरा गगन सब झूमें
कांधे पर चढ़कर बैठी हो , लदी बहारें ऐसी !!

डूब रहें हैं जलधारे में , हाहाकार मचा है !
मचल रहे हैं सागर नदिया , लहरें तूफानों सी !!

भीगा भीगा जग लगता है ,सब है भीगा भीगा !
बाल तरुण हर्षाये लगते , हरकत मनमानों सी!!

बृज व्यास

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Author
भगवती प्रसाद व्यास
एम काम एल एल बी! आकाशवाणी इंदौर से कविताओं एवं कहानियों का प्रसारण ! सरिता , मुक्ता , कादम्बिनी पत्रिकाओं में रचनाओं का प्रकाशन ! भारत के प्रतिभाशाली रचनाकार , प्रेम काव्य सागर , काव्य अमृत साझा काव्य संग्रहों में... Read more
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