Reading time: 1 minute

हम ही होंगे जिम्मेदार

“गीतिका”

मानवता जिनकी मर जाती , हो जाते हैं वह गद्दार
ये आतंकी रूप बदलकर , करते हैं छुप-छुप कर वार

भारत माँ को “माँ” कहने पर,घटती जिनकी अपनी शान
ऐसे दुष्ट जनों का चुनकर, आओ कर डाले संहार

मकसद इनका फूट डालना, यह करते रहते पाखंड
खेल घिनौने खेलें हरपल, बाँटे घर- घर में हथियार

लहूलुहान धरा को करते , पहन धरम के पावन वस्त्र
आगे मत बढ़ने दो इनको , अगर चाहते हो संसार

शांति नीतियां नहीं चलेंगी, शास्त्र छोड़कर पकड़ो शस्त्र
प्रेम नहीं, पत्थर के बदले, मारो अब गोली की मार

अजगर जैसे विषधारी यह, बात बात पर डसते रोज
बोलें मीठा मुँह पर बदलें गिरगिट जैसे रंग हजार

आतंकी हमलों से अपना , सहम रहा प्यारा कश्मीर
घात लगाने वालों का अब , मत सहना तुम अत्याचार

लाशों का बाजार सजा दें , है हर आतंकी की चाह
अगर न रोका इन सबको तो , हम ही होंगे जिम्मेदार

विश्वपटल भी कहता अब तो ,आतंकी को डालो काट
जिसने माँ से बेटा छीना , छीन लिया है घर परिवार

अल्ला के बन्दे है कहते , नहीं जानते पाक कुरान
मंदिर मस्जिद सब कुछ फूकें , क्यों छोड़े इनको सरकार

पुष्प लता शर्मा

1 Like · 1 Comment · 18 Views
Pushp Lata
Pushp Lata
9 Posts · 290 Views
Follow 2 Followers
I am working as Manager Accounts in a Private company and writing is my passion... View full profile
You may also like: