Dec 22, 2016 · कविता

हम लव कुश की सन्तान है

हां जी हमे़ं अभीमान हैं ।

गर्व से कहते हैं हम लव कुश की सन्तान हैं ।

बहुतायत में होकर भी एकता जिनकी पहचान है ।

टुकड़ों को भारत बनाया वो वल्लभभाई महान हैं ।

भारत की अर्थव्यवस्था की सदियों से हम जान हैं ।

माथे पर मिट्टी सजाये वो भारत का किसान हैं ।

मिट्टी को करते नमन हल जिनका निसान है ।

जी हां हम सदियों से आर्यवर्त्त की शान हैं ।

सच्चाई की कसमें खालो सूरज सा ईमान है ।

भोला भी मत जानो इनमें छत्रपति के प्राण हैं ।

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