गज़ल/गीतिका · Reading time: 1 minute

हम भी हैं

होश वाले तुम हो गर तो हुस्नदार हम भी हैं
ग़ज़ल की शेखियो में जानदार हम भी हैं

ना इरादा जान लेने का ना दिल जलाने का
नज़र भर देख लो इधर बरखुर्दार हम भी हैं

ना मैखानों में ख़ाक कर जीने की तमन्ना को
तेरी मासूम मोहब्बत के ख्वास्तगार हम भी हैं

शराफत तुम जो रखते हो ख़ुद्दारी खून में मेरे
तेरी नादान शराफ़तों के क़सूरवार हम भी हैं

क्या हुआ जो इश्क में ‘पूनम’ नुमाइश नहीं करती
तेरी मोहब्बत में ऐ ज़ालिम!गिरफ़्तार हम भी हैं

— पूनम पांचाल —

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