कविता · Reading time: 1 minute

【2】 हम बच्चे हैं नन्हे फूल

हम बच्चे हैं नन्हे फूल, हमसे जो हो जाये भूल
तो हमको न समझो शूल, हम हैं नव पीडी़ के मूल
हम बच्चे हैं………….
{1} ठोकर खा हम योग्य बनेंगे, नव भारत की नींव रखेंगे
हमसे सूने बाग सजेंगे, अन्धकार हम दूर करेंगे
हमको न समझो तृणमूल, हम हैं नई किरण के मूल
हम बच्चे हैं ………….
{2} आगे चल हम युवा बनेंगे, इस दुनियाँ को दुआ बनेंगे
हर कठिनाई का रुख मोड़ेंगे, हम विपदा से नहीं ड़रेंगे
पीछे हठना होगी भूल, आगे बढ़ना हमें कुबूल
हम बच्चे हैं …………..
{3} जीवन की हर कठिन डगर में, हम खुशहाली लायेंगे
उच्च शिक्षा को पाकर हम,भारत का मान बढ़ायेंगे
बन्धन के हम काटे शूल, हम बन जायें प्रेरक मूल
हम बच्चे हैं …………….
{4} छोटे हैं नादान मगर हम, नई क्रान्ति लायेंगे
अपने पथ पर आगे बढ़कर, निश्चित मंजिल पायेंगे
हम भारत की हैं रजधूल, भारत माँ के नये उसूल
हम छोटे हैं …………….
सीखः- बच्चे आईने की तरह साफ मन के होते हैं। उन्हें हमें भरपूर प्यार देना चाहिए।
Arise DGRJ { Khaimsingh Saini }
M.A, B.Ed from University of Rajasthan
Mob. 9266034599

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