मुक्तक

????
हम दिवाने हैं,अक्सर तन्हाई से बातें करते हैं।
सारी दुनिया से बेखबर ख्यालों में खोये रहते हैं।
अपने महबूब की याद में ही मर-मर कर जीते हैं –
इस दुनिया का सभी सितम हम तो हँस-हँस कर सहते हैं।
????? —लक्ष्मी सिंह?☺

Like Comment 0
Views 254

You must be logged in to post comments.

Login Create Account

Loading comments
Copy link to share