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हम उनके होंठों पर बिखरी मुस्कान देखते रहे

Shanky Bhatia

Shanky Bhatia

मुक्तक

December 8, 2016

वो हम पर मज़ाक के वार करते रहे, हम ख़ामोशी से सब सहते रहे,
वो अपनी जीत समझते रहे, हम उनके होठों पर बिखरी मुस्कान देखते रहे।

————–शैंकी भाटिया
अगस्त 24, 2016

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Author
Shanky Bhatia
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