.
Skip to content

हम अपनी बात बताते है।

Vindhya Prakash Mishra

Vindhya Prakash Mishra

कविता

July 20, 2017

हम अपनी बात बताते है
अपने उसूल पर चलते है
निंदा की परवाह बिना
अपने ढंग से हम जीते है
सहते है कष्ट आह बिना
हम अध्येता है नित शोध करे
सच कहते न घबराते है
हम अपनी बात बताते है
पैसो की परवाह नही
पद प्रसिद्धि की कोई चाह नही
कोई मेरे बारे मे जो कहता
कम जाना है थाह नही
सब जिस रास्ते मे चलते है
वैसी है मेरी राह नही
प्रसंशा से प्रसंन्न न होते
चलते नित न घबराते है
हम अपनी बात बताते है
कोई मुझको अध्यापक जाने
कोई कवि रूप पहचाने
कोई कमजोर कहा करते
कोई कोई निर्धन जाने
कोई अज्ञानी मान रहा
कोई गुरू सा सम्मान दे रहा
मै क्या हूं कम ही जताते है
हम अपनी बात बताते है
कभी बात चलती है जन मे
रहता अहम् जिनके मन मे
छोटा कह देते है छन मे
नही सामना हुआ हमारा
कहां पराजित किए है रन मे
पर मुझसे बडा जताते है
हम अपनी बात बताते है
सज्जनता सादगी सच्चाई
सदा मुझे जीवनभर भाई
संकोची हूं कुछ बात करू
अपने को नही दर्शाते है।
हम अपनी बात बताते है
कितने संघर्ष सहे हमने
कितनी असफलताएं पाई
कितनी आलोचना सहे
कितनी मैने ठोकर खाई
पर चुप रहते सह जाते है
नही कभी बतलाते है
आज अपनी बात बताते है।
कम शब्दो मे मैने कह दी
अपने बारे मे बात
फिर अवसर पर करेगे।
अपने मन की बात
विन्ध्यप्रकाश मिश्र नरई संग्रामगढ प्रतापगढ

Author
Vindhya Prakash Mishra
Vindhya Prakash Mishra Teacher at Saryu indra mahavidyalaya Sangramgarh pratapgarh up Mo 9198989831 कवि, अध्यापक
Recommended Posts
हम नही करते.........
ज़माने के ग़मो की शिकायत हम नही करते, किसी को आज़माने को मोहब्बत हम नही करते। साथ चलने का वादा हम बदस्तूर निभाते हैं, संग... Read more
हम उफ़ भी नही करते
हम उफ़ भी नही करते उनकी आह जारी है वोह कुछ भी नही करते हमारी वाह जारी है ********************************* कपिल कुमार 29/10/2016
हम उफ़ भी नही करते
हम उफ़ भी नही करते उनकी आह जारी है वोह कुछ भी नही करते हमारी वाह जारी है ********************************* कपिल कुमार 20/10/2016
रखते हैं हम असर कोई बेअसर नही
रखते हैं हम असर कोई बेअसर नही रखते हैं हम ख़बर कोई बेखबर नही *************************** माना तेरी मीनारे ऊँची हैं बहुत ही रखते हैं हम... Read more