गज़ल/गीतिका · Reading time: 1 minute

हमारी पसंद अपनी निगाहों से न तोलिये –आर के रस्तोगी

हमारी पसन्द अपनी निगाहो से न तोलिये |
ये दिल के मामले है, इनमे जरा न बोलिये ||

न किसी को बुरा कहे, न किसी का दिल तोडिये |
जब दिल से दिल मिल जाये,तो खुलकर बोलिये ||

चर्चा हो रही है,उनके प्यार की इस सरे बाजार में |
अगर सच है तो अपनी जबान से खुलकर बोलिये ||

करते हो अगर सच्ची मोहब्बत किसी इंसान से |
बेहिजक,बेधडक दिल के दरवाजे तुम खोलिये ||

ये दिल का मामला है,किस बख्त किस पर आ जाये |
दिल देने से पहले अपने जज्बात दिल से ही तोलिये ||

आर के रस्तोगी
गुरुग्राम

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