हमारी ग़ज़लों से नशा, हर हसीं को होता है

हम आप पर कर भी नहीं सकते नवाज़िशें,
कि जिन पर आप का हो करम हक उन्हीं को होता है।

आप पर सितम करने का तो सवाल ही नहीं,
कि सितम आप पर हों, दर्द हर हाल हमीं को होता है।

यकीं मानिए, आप हमारे साथ हों जिस पल,
एक चाँद आसमां में, एक ज़मीं पर होता है।

प्रेम का रस, मोहब्बत की कशिश, और इश्क का सुरूर,
हमारी ग़ज़लों से नशा, हर हसीं को होता है।

————-शैंकी भाटिया
अक्टूबर 27, 2016

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