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हमारा प्यार लगता है तुम्हारा हो न पायेगा

Dr Archana Gupta

Dr Archana Gupta

गज़ल/गीतिका

November 13, 2017

हमारा प्यार लगता है तुम्हारा हो न पायेगा
मगर तुम सा कहीं कोई हमारा हो न पायेगा

सहा अपमान भी हमने ,मिला जो आज तक तुमसे
मगर अब और ये सहना गवारा हो न पायेगा

कभी भी तुम मिलाना मत किसी को धूल में वरना
बुलंदी पर तुम्हारा भी सितारा हो न पायेगा

किनारा आज तो तुमने किया कह गैर ही हमको
मगर तुम देखना हम सा सहारा हो न पायेगा

किया है पीठ पीछे वार बनकर दोस्त जब तुमने
मुआफी का भी अब हमसे इशारा हो न पायेगा

ग़मों में यूँ घिरे रहकर हमें लगने लगा है ये
कभी भी ‘अर्चना’ इनसे किनारा हो न पायेगा

डॉ अर्चना गुप्ता
13-11-2015

Author
Dr Archana Gupta
Co-Founder and President, Sahityapedia.com जन्मतिथि- 15 जून शिक्षा- एम एस सी (भौतिक शास्त्र), एम एड (गोल्ड मेडलिस्ट), पी एचडी संप्रति- प्रकाशित कृतियाँ- साझा संकलन गीतिकालोक, अधूरा मुक्तक(काव्य संकलन), विहग प्रीति के (साझा मुक्तक संग्रह), काव्योदय (ग़ज़ल संग्रह)प्रथम एवं द्वितीय प्रमुख... Read more
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