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हमराही परी मिलेगी

दुष्यंत कुमार पटेल

दुष्यंत कुमार पटेल "चित्रांश"

गीत

October 24, 2017

*गीत*

मेरे दिल की गलियों में कब ,चाहत की नदी बहेगी l
जाने कब किस राहगुजर में,हमराही परी मिलेगी ll

दिल अम्बर है गुमसुम गुमसुम,जीवन में पतझड़ मौसम l
पागल मन को ना भाता है, कोई गीत मधुर सरगम ll
घना तिमिर दिल मंदिर में , कब कोई ज्योति जलेगी l
.. .. .. हमराही परी मिलेगी ll

आती है मेरे सपनों में, चैन चुराने को तितली l
उसके बिन वीरान जहाँ है,जाने कहाँ गई पगली ll
कब उनकी पाजेब बजेगी, कब सूनी राह सजेगी l

… . . .हमराही परी मिलेगी ll
सीने में है अजब जलन सा , इंतज़ार की हैं घडियाँ l
सावन बरसे है बिन बदरा, सूखी है फ़िर भी अंखियाँ ll
सुन ले फ़रियाद खुदा तू भी, यूँ कबतक जान रहेगी l
.. हमराही परी मिलेगी ll

✍दुष्यंत कुमार पटेल

Author
दुष्यंत कुमार पटेल
नाम- दुष्यंत कुमार पटेल उपनाम- चित्रांश शिक्षा-बी.सी.ए. ,पी.जी.डी.सी.ए. एम.ए हिंदी साहित्य, आई.एम.एस.आई.डी-सी .एच.एन.ए Pursuing - बी.ए. , एम.सी.ए. लेखन - कविता,गीत,ग़ज़ल,हाइकु, मुक्तक आदि My personal blog visit This link hindisahityalok.blogspot.com
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