Skip to content

” ————————————— हमने दिल हारा ” !!

भगवती प्रसाद व्यास

भगवती प्रसाद व्यास " नीरद "

गीत

November 14, 2017

ये अदा है ,
या इशारा !!

नख शिख तक ,
बांकपन ऐसा !
मोहपाश का ,
बन्धन कसा !
चटकीली –
आभा रक्तिम ,
कैसे करें किनारा !!

गलबहियां ,
लेते कुन्तल !
मदभरे नयन ,
मची हलचल !
खामोशी –
अधरों पर ,
हमने दिल हारा !!

सज्जित हैं ,
अंचरा भी !
धार बड़ी तीखी ,
बहका कजरा भी !
खनखन है –
कंगना की ,
पायल का छनकारा !!

बृज व्यास

Author
भगवती प्रसाद व्यास
एम काम एल एल बी! आकाशवाणी इंदौर से कविताओं एवं कहानियों का प्रसारण ! सरिता , मुक्ता , कादम्बिनी पत्रिकाओं में रचनाओं का प्रकाशन ! भारत के प्रतिभाशाली रचनाकार , प्रेम काव्य सागर , काव्य अमृत साझा काव्य संग्रहों में... Read more
Recommended Posts
यूँ हटाये हैं घिरे दिल के अँधेरे हमने
यूँ हटाये हैं घिरे दिल के अँधेरे हमने दीप अश्कों से भरे और जलाये हमने मुस्कुराते रहे भीगी हुई पलकों में भी जख्म लेकिन नहीं... Read more
तन्हा तन्हा जिंदगी गुजार दी हमने
तन्हा तन्हा जिंदगी गुजार दी हमने दुआयें भी उनको बेशुमार दी हमने **************************** बनी आखिर में वो तस्वीरे जाना कि अक्स दिल से उनकी उतार... Read more
तन्हा तन्हा जिंदगी गुजार दी हमने
तन्हा तन्हा जिंदगी गुजार दी हमने दुआयें भी उनको बेशुमार दी हमने **************************** बनी आखिर में वो तस्वीरे जाना कि अक्स दिल से उनकी उतार... Read more
रँग यहाँ अपना जमाया है बहुत दिन हमने
रँग यहाँ अपना जमाया है बहुत दिन हमने राज अपना भी चलाया है बहुत दिन हमने जश्न खुशियों का मना लेने दो कुछ पल हमको... Read more