Dec 25, 2017 · कविता
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*हमने तेरी बातों पर….*

*हमने तेरी बातों पर….*

सपनों का संसार बसाया,
हमने तेरी बातों पर….
तुझको ही घरबार बनाया,
हमने तेरी बातों पर….1

पर न जाने क्या तेरे मन मैं,
जो न आया तू जीवन मैं,
तुझको ही दरबार बनाया,
हमने तेरी बातों पर….2

संग चलने के कसमे वादे,
तेरे ऐसे कैसे ये नेक इरादे,
तुझको ही सरकार बनाया,
हमने तेरी बातों पर….3

सदियो तक जो साथ दिया है,
जो कहा वो सदा किया है,
पतझड़ से गुलजार बनाया,
हमने तेरी बातों पर….4

उन्नत जो शिखर मिला है,
उसमे कुछ हमारा सिला है,
खुदको ही पतवार बनाया,
हमने तेरी बातों पर….5

सुखमय जो है जीवन तुम्हारा,
उसमे कुछ तो है हवन हमारा,
वैभव का ये अंबार लगाया,
हमने तेरी बातों पर….6

हर लम्हा किया भरोसा,
तुमने तारीखों को परोसा,
अरमानों को कई बार दबाया,
हमने तेरी बातों पर….7

दिल से तेरा साथ दिया है,
सबकुछ हाथों हाथ किया है,
तुझको इज्जतदार बनाया,
हमने तेरी बातो पर….8

सत्ता का ये स्वाद न भूलो,
अपनो से ये संवाद न भूलो,
तुझको ही हरबार बनाया,
हमने तेरी बातों पर….9

वक़्त तो है संभलना सीखो,
मनु के ही संग चलना सीखो,
सब कुछ जो इसबार लगाया,
हमने तेरी बातों पर….10
*मानक लाल मनु*

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मानक लाल
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सम्प्रति••सहायक अध्यापक 2003,,, शिक्षा••MA,हिंदी,राजनीति,संस्कृत,,, जन्मतिथि 15 मार्च 1983 पता••9993903313 साहित्य परिसद के सदस्य के रूप... View full profile
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