.
Skip to content

हमको लड़ना होगा—कविता— डी. के. निवातियाँ

डी. के. निवातिया

डी. के. निवातिया

कविता

October 8, 2016

हमको लड़ना होगा ……..

बिगड़े हुए हालातो से डटकर हमको लड़ना होगा
समझ के वक़्त की चाल अब हमको चलना होगा !!

कब तक बहेगा रक्त वीरो का
खेल खून का अब थमना होगा
जागो यारो इस देश के प्यारो
सच्चाई को अब समझना होगा !

बिगड़े हुए हालातो से डटकर हमको लड़ना होगा
समझ के वक़्त की चाल अब हमको चलना होगा !!

हिन्दू , मुस्लिम सिख, ईसाई
धर्म से आगे हमको बढ़ना होगा
भुलाकर जात-धर्म की नीति
इंसानियत के लिए लड़ना होगा !

बिगड़े हुए हालातो से डटकर हमको लड़ना होगा
समझ के वक़्त की चाल अब हमको चलना होगा !!

आतंकवाद का कोई धर्म नही
इस बात को जहन में बिठाना होगा
दरिंदगी ये अभिशाप समाज की
इस बुराई को जड़ से मिटाना होगा !

बिगड़े हुए हालातो से डटकर हमको लड़ना होगा
समझ के वक़्त की चाल अब हमको चलना होगा !!

राजनीतिको से अब जनता त्रस्त है
व्यवस्था भी सारी अस्त- व्यस्त है
भ्र्ष्टाचार का हुआ हर और बोल बाला
इस कूतंत्र से मिलकर अब लड़ना होगा !

बिगड़े हुए हालातो से डटकर हमको लड़ना होगा
समझ के वक़्त की चाल अब हमको चलना होगा !!

बदल रहा है अब वक़्त धीरे – धीरे
नारी भी चलने लगी अब कन्धा देने
खेल, शिक्षा से लेकर हो सैनिक सेवाएं
हर क्षेत्र में उनका होसला बढ़ाना होगा !

बिगड़े हुए हालातो से डटकर हमको लड़ना होगा
समझ के वक़्त की चाल अब हमको चलना होगा !!

बहुत हुआ अपमान वीरो का,
शेरो ने जान बहुत गवाई है
हर किसान, और हर जवान को
अब देश का भार उठाना होगा!

बिगड़े हुए हालातो से डटकर हमको लड़ना होगा
समझ के वक़्त की चाल अब हमको चलना होगा !!

अब तो न हो कोई नारी अपमानित
अब न कोई गरीब का मजाक उड़ाये
चलो,उठो अब शिक्षा का अलख जगाओ
हर एक बुराई को समाज से मिटाना होगा !

बिगड़े हुए हालातो से डटकर हमको लड़ना होगा
समझ के वक़्त की चाल अब हमको चलना होगा !!
!
!
!
@@@___डी. के. निवातियाँ ____@@@

Author
डी. के. निवातिया
नाम: डी. के. निवातिया पिता का नाम : श्री जयप्रकाश जन्म स्थान : मेरठ , उत्तर प्रदेश (भारत) शिक्षा: एम. ए., बी.एड. रूचि :- लेखन एव पाठन कार्य समस्त कवियों, लेखको एवं पाठको के द्वारा प्राप्त टिप्पणी एव सुझावों का... Read more
Recommended Posts
हमको चलना होगा...
?? हमको चलना होगा। ?? अभिलाषाओं के नव-पथ पर, अब हमको चलना होगा। आलोकित करने जग-जीवन, दीपक सम जलना होगा। विकट हवाएँ मग रोकेंगी, पर... Read more
दर पर अपने प्रभु ने बुलाया होगा
दर पे अपने प्रभु ने आज बुलाया होगा छोड़ के काम सभी फिर से पठाया होगा आज अपराध क्षमा कर प्रभु ने मेरे सब मार्ग... Read more
अब तो सहन नही होगा
अब तो सहन नही होगा किए वार पर वार पाक ने हम सहकर मानवता करते पर अब रहम नही होगा अब तो सहन नही होगा।... Read more
हमकों नहीं घबराना होगा
हमकों नहीं घबराना होगा। नदी की बहती धारा जैसे, हमको बढ़ते जाना होगा आंधी,तूफाँ,बरसातों से भी नही हमको घबराना होगा। अटल खड़े पहाड़ो है,जैसे निर्भिक... Read more