.
Skip to content

” हँसते हँसते , कट गया दिन ” !!

भगवती प्रसाद व्यास

भगवती प्रसाद व्यास " नीरद "

गीत

January 20, 2017

बिछ गयी चादर ,
दरिया किनारे !
होंसलों को देख ,
विहँसे नज़ारे !
चिंतन , मनन ,
विस्मरण हुआ !
अनछुए पहलुओं को ,
हमने छुआ !
एकांत में सरस –
लगे पल छिन !!

मिट गयी थकन ,
विश्राम करते !
फिर नया संबल ,
पा के हरषे !
जतन , कथन ,
अभिनंदन हुआ !
कसमसाते बंधनों में ,
कसकी हया !
नेह की बजी बंसी –
श्वासों की धुन !!

मुस्कराती धरा ,
आसमां लुटता !
प्रेम की गुंजन ,
मन थिरकता !
मगन , ठगन ,
आलिंगन हुआ !
धड़कते दिलों में ,
बहका जिया !
मुस्कानें अधर बसी –
ऐसे किये जतन !!

Author
भगवती प्रसाद व्यास
एम काम एल एल बी! आकाशवाणी इंदौर से कविताओं एवं कहानियों का प्रसारण ! सरिता , मुक्ता , कादम्बिनी पत्रिकाओं में रचनाओं का प्रकाशन ! भारत के प्रतिभाशाली रचनाकार , प्रेम काव्य सागर , काव्य अमृत साझा काव्य संग्रहों में... Read more
Recommended Posts
हँसते हँसते जान भी, अपनी की कुर्बान
शत शत नमन हँसते हँसते जान भी, अपनी की कुर्बान राजगुरु सुखदेव भगत, थे वो वीर महान थे वो वीर महान, देश था उनको प्यारा... Read more
जागते जागते दोपहर हो गयी
ना रही ये खबर कब सहर हो गयी जागते जागते दोपहर हो गयी ... तर्बियत रंजिशों को नज़र हो गयी आशियाने वफ़ा खंडहर हो गयी... Read more
शरारत हो गई
मिले प्रेमी शरारत हो गयी है जमाने को शिकायत हो गयी है लड़ी जो आँख से आँखे हमेशा तड़प से फिर हरारत हो गयी है
मुक्तक
आज तुमसे मेरी जो मुलाकात हो गयी है! हसरतों की जैसे फिर बरसात हो गयी है! छायी हुयी है मदहोशी ख्यालों में इसतरह, मय़कशी की... Read more