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सड़क,बंधुआ मजदूर और भगवान

डॉ.मनोज रस्तोगी

डॉ.मनोज रस्तोगी

कविता

November 23, 2016

सड़क,बंधुआ मजदूर और भगवान

अक्सर
रात को
मैँ शहर मेँ घूमता हूँ
काली, पसरी और
गढ्रढेदार सड़क
देखकर
मुझे अहसास होता है
किसी बंधुआ मजदूर का
जो दिनभर की थकन
उतारने के लिए
पसर गया हो
और
मालिक की तरह
भौंकते हुए कुत्ते
उसकी नीँद मेँ
खलल डाल रहे होँ
सड़क के दोनोँ ओर
फुटपाथ पर
बच्चोँ को सोया देख
मुझे याद आता है
बच्चे भगवान होते हैँ
मैँ सोचता हूं
भगवान का स्थान
क्या फुटपाथ पर होता है

डॉ मनोज रस्तोगी
8,जीलाल स्ट्रीट
मुरादाबाद 244001
उत्तर प्रदेश, भारत
मोबाइल फोन नंबर 9456687822

Author
डॉ.मनोज रस्तोगी
हिंदी साहित्य में मुरादाबाद के साहित्यकारों का योगदान पर शोध कार्य, मुरादाबाद की साहित्यिक, सांस्कृतिक, सामाजिक,धार्मिक विरासत पर लेखन, काव्य,लघुकथा, रिपोतार्ज, संस्मरण विधाओं में लेखन, वर्तमान में दैनिक जागरण में उपसंपादक पद पर कार्यरत। सम्पर्क: डॉ. मनोज रस्तोगी 8, जीलाल... Read more
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