हाइकु · Reading time: 1 minute

स्वागत बरखा

1
बरसा पानी
हुई धरती तृप्त
है हरियाली

2
घर आंगन
फैलती हरियाली
स्वागत वर्षा

3
सावन झूले
झूमती हरीतिमा
मंगल गीत

स्वलिखित
लेखक संतोष श्रीवास्तव भोपाल

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लेखन एक साधना है विगत 40 वर्ष से बाल्यावस्था से होते हुए आज लेखन चरम पर है । यूनियन बैंक मे कार्यरत के दौरान बैंक के मैगज़ीन, भारतीय रिजर्व बैक…
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