23.7k Members 50k Posts
Coming Soon: साहित्यपीडिया काव्य प्रतियोगिता

स्पर्श/संस्पर्श

स्पर्श/संस्पर्श
01. तेरी छुवन
मन बगर गया
मानो बसंत ।
☆☆☆
02.हवा बहकी
सुमनों को छू कर
महका गयी ।
☆☆☆
03.मोम का तन
बत्ती की छुवन से
हुआ गलन ।
☆☆☆
04.माटी का लौंदा
कुम्हार का स्पर्श रे !
कलश पक्का ।
☆☆☆
05. वाह्ह. इन्सान
धरा से उठ कर
छू लिया चाँद ।
☆☆☆
□ प्रदीप कुमार दाश “दीपक”
मो.नं. 7828104111

7 Views
प्रदीप कुमार दाश
प्रदीप कुमार दाश "दीपक"
रायगढ़
45 Posts · 1.4k Views
हाइकुकार : ♢ प्रदीप कुमार दाश "दीपक" ♢ सम्प्रति : हिन्दी व्याख्याता 13 कृतियाँ :...
You may also like: