Nov 4, 2017 · कविता
Reading time: 1 minute

*सैनिक काया बीच समर रण अड़ जाती*

वीर सैनिक की गाथा अमर हो जाती,,
जो सैनिक काया बीच समर रण अड़ जाती,,
रक्त बूंद वीरो की अजर अमर हो जाती,,

भारतभूमि बड़ी महान है जहां पर अपनी ही माँ,,
मातृभूमि की रक्षा खातिर जो माँ निजपुत्र भिजाती,,

दुश्मन चाहे कोई भी हो घर भीतर बाहर का,,
एक सेना है वीर सिंह सी जो पकड कान लाती,,

थर थर कांपे जो दुश्मन भी देख रूप वीरो का,,
जवानों की रक्त लालिमा सब दूर नजर आती,,,

वंन्दन और अभिनंदन जीतना हो वीर सिपाही,,
उतनी ज्यादा ही मातृ शक्ति और आगे आती,,

मनु कलम से लिखे वंन्दना और नमन करे है,,
भारत भूमि वीरो की है कभी न खाली होती,,

*मानक लाल मनु*

22 Views
Copy link to share
मानक लाल
201 Posts · 7.1k Views
Follow 1 Follower
सम्प्रति••सहायक अध्यापक 2003,,, शिक्षा••MA,हिंदी,राजनीति,संस्कृत,,, जन्मतिथि 15 मार्च 1983 पता••9993903313 साहित्य परिसद के सदस्य के रूप... View full profile
You may also like: