सेक्स मंडी

पहले ये कोठो में लगती थी
अब ये कोठियो में लगती है
पहले ये छिप कर लगती थी
अब ये सरे आम लगती है
पहले ये शहर से बाहर लगती थी
अब ये शहर के अंदर लगती है
पहले ये रात में लगती थी
अब ये दिन रात लगती है
पहले ये गिने चुने शहरो में लगती थी
अब ये हर बड़े शहरो में लगती है

पहले इसे रेड लाईट कहते थे
अब इसे ग्रीन लाईट कहते है
पहले इसे बदनाम लोग लगाते थे
अब इसे फेमस लोग लगाते है
पहले इसे औरते चलाती थी
अब इसे औरते मर्द चलाते है
पहले इसे अनपढ़ चलाती थी
अब इसे पढ़ी-लिखी चलाती है
पहले इसके ग्राहक अमीर लोग होते थे
अब इसके दुकानदार अमीर लोग होते है
पहले ये सरक सरक कर चलती थी
अब ये खूब तेज स्पीड से चलती है

पहले भी पुराने जमाने में लगती थी
अब भी नये जमाने में लगती है
पहले भी पुरानी सरकारे ध्यान नहीं देती थी
अब भी नई सरकारे ध्यान नहीं देती है
पहले ये बाबाओ के अड्डो में नहीं लगती थी
अब ये नये बाबाओ के अड्डो में लगती है

आर के रस्तोगी

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I am recently retired from State bank of India as Chief Mnager. I am M.A.(economics)...
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