Feb 5, 2021 · मुक्तक
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सृष्टि सारी नाचती

सृष्टि सारी नाचती है,नित्य प्रभु के ताल पर।
सूर्य सा शोभित हुआ है ,चंद्र जिसके भाल पर।
प्रार्थना मैं कर रही हूँ हाथ दोनों जोड़ कर-
दृष्टि अपनी डालिए अब तो हमारे हाल पर।
-लक्ष्मी सिंह
नई दिल्ली

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लक्ष्मी सिंह
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MA B Ed (sanskrit) My published book is 'ehsason ka samundar' from 24by7 and is... View full profile
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