कविता · Reading time: 1 minute

सृजन में है खुबसूरती

खूबसूरती है क्या
गोरा रंग, सुडोल काया
ऊँचा कद, तीखे नाकं नक्स ?
नही,,,ये तो खोल है ऊपरी
दरसल सुंदरता
रचनात्मकता का नाम
सृजन मे ही है सौंदर्य
खूबसूरती यानी प्यार
जो बैचैन,बेनूर
आखो में उजाला
भर देता है उम्मीद का
सुंदरता है किसी
के लिए कुछ कर
गुजरने की ललक
संसार को बाहो मे
समेट लेने का हौसला,
जीवन को देखने
सकारात्मकता के साथ
मन महसूस करने का
और जतन ही है
असली खुबज़ुरती
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